ये घटनाऐ 1789 व 1793 के बीच मे घटित हुई और अंत में फ्रांस के राजा लुई16वां को 21 जनवरी, 1793 में उन पर मुकदमा चलाकर उसे फांसी की सजा देकर देशद्रोही घोषित कर दिया गया था।
एस्टेट्स जेनरल का अधिवेशन (5 मई, 1789) :- इस घटना से फ्रांसीसी क्रांति का आरंभ माना जाता है । यह घटना 5 मई, 1789 को नये करो के प्रस्ताव हेतु हुई थी तथा लुई16वां इसका सम्राट था। इसमें एस्टेट्स जेनरल की बैठक बुलाई गई यह एक राजनीतिक संस्था थी जिसमें :- (१) प्रथम एस्टेट, (२) द्वितीय एस्टेट, (३) तृतीय एस्टेट एस्टेट्स के अपने-अपने प्रतिनिधि भेजते थे। एस्टेट्स जेनरल की यह शर्त थी जिसमें प्रत्येक वर्ग को एक एक मत देने का अधिकार था। इस बैठक में पहले और दूसरे एस्टेट्स के 300-300 प्रतिनिधि भेजे गए तथा तीसरे एस्टेट्स के 600 प्रतिनिधि भेजे गए थे। इस बैठक में तीसरे एस्टेट्स के लोगों ने यह मांग रखी कि इस बार पूरी सभा द्वारा मतदान कराया जाए जिसमें सभी को अपना मत देने का अधिकार हो व सभी नागरिकों के पास अपने अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए अर्थात् सभी नागरिको को बराबर समान अधिकार व समान अवसर दिए जाने चाहिए, लेकिन सम्राट लुई16वां ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया था। यह क्रांति की सबसे बड़ी वजह थी।
इस प्रकार एस्टेट्स जेनरल की बैठक में तीसरे एस्टेट्स के प्रतिनिधियों की मांगों को अस्वीकार करना फ्रांस में क्रांति हुई।
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